
सोलन। विजिलेंस थाना के बरामदे में कैलाश ठाकुर की निर्मम हत्या को लेकर आईजी ला एंड आर्डर ने एडीजीपी विजिलेंस और आईजी दक्षिण वृत्त से रिपोर्ट तलब की है। मामले में पुलिस से कहां चूक हुई है? विजिलेंस थाना के बरामदे में विजिलेंस जवानों ने इस जघन्य हत्याकांड को रोकने में कहीं कोताही तो नहीं बरती? इस सब पर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
एसपी नहीं आला अफसरों करेंगे रिपोर्ट : आईजी
आईजी ला एंड आर्डर संजय कुंडू ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जांच प्रभावित न हो इसके लिए एसपी सोलन डा रमेश छाजटा से नहीं बल्कि आला अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। मामले की जांच पारदर्शिता से होगी। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रविवार रात को हुआ था कत्ल
रविवार रात चार छात्रों ने बेरहमी से कैलाश ठाकुर के गले में बोतल घोंपकर हत्या कर दी थी। सड़क पर हो रहे झगड़े को रोकना कैलाश पर भारी पड़ा था। अनहोनी होने की सूचना कैलाश ने फोन पर पुलिस चौकी में दी थी। शरण लेने के लिए वह विजिलेंस थाना में गया था। मारपीट को हलके में लेकर जवानों से उसे गेट से बाहर कर दिया। इतने में चारों छात्रों ने कैलाश को मौत के घाट उतार दिया।
आईजी का खुलासा
आईजी ला एंड आर्डर ने कहा कि सोलन में पुलिस के काम करने का तरीका बदलेगा। इसके लिए काम चल रहा है। चरणबद्ध तरीके जांच में यह बदलाव होंगे।
01-मैपिंग: आईजी ने कहा कि सोलन में एजुकेशन हब बन रहा है। पहले चरण में पुलिस मैपिंग करेगी। इसमें सभी क्षेत्रों को चिंहित किया जाएगा, जहां छात्र क्राइम कर रहे हैं।
02- वार्निंग सिस्टम: एवरी वार्निंग सिस्टम दूसरा चरण होगा। इसमें चिंहित जगहों पर कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। जिससे सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
03- इंटरवेंशन : दोनों चरण खत्म होने के बाद व्यवस्था ऐसी होगी कि तत्काल कार्रवाई पुलिस कर सके। साथ ही यह क्राइम क्यों हो रहेे हैं, इन पर कैसे काबू पाया जा सकता है, इसे लेकर काम किया जा सके।
प्रदेश पुलिस का आश्वासन
आईजी ने कहा कि विजिलेंस थाना के बरामदे में युवक का कत्ल पुलिस के लिए भी दुखद बात है। किसी मासूम की जान न जाए पुलिस विभाग यह चाहता है। अफसोस है कि कैलाश की जान बचाई न जा सकी। कोताही करने वालों पर कार्रवाई और जांच में यदि जुर्म साबित हुआ तो दोषियों को सजा के लिए पुलिस काम करेगी।
